विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को कहा कि जी-20 शिखर सम्मेलन भारत को दुनिया के लिए और दुनिया को भारत के लिए तैयार करने जैसा है और इससे देश में पर्यटन के विकास को बढ़ावा मिलेगा. जयशंकर ने यह टिप्पणी दिल्ली विश्वविद्यालय के आर्यभट्ट कालेज में छात्रों को संबोधित करते हुए की. यह आयोजन भाजपा के सम्पर्क अभियान का हिस्सा है. विदेश मंत्री एवं भाजपा नेता जयशंकर ने कहा कि इस शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने का फायदा देश को अगले 5-10 वर्षो में मिलेगा.
उन्होंने कहा कि जी-20 के संबंध में हम अभी जो कुछ कर रहे हैं, वह एक तरह से मोदीजी के अमृतकाल की परिकल्पना की आधारशिला रखने जैसा है. मंत्री ने कहा, 'हमारा काम नींव रखना है और हमें उम्मीद है कि आप उस पर निर्माण कर भारत को 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाने के सपने को साकार करेंगे.'
उन्होंने कहा कि दुनिया में कुछ बड़े देश हैं जहां पर्यटन कभी-कभी उनके जीडीपी में लगभग 30 प्रतिशत का योगदान देता है.
जयशंकर ने कहा कि भारत जी-20 शिखर सम्मेलन का पहला मेजबान देश है जो अपने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 60 शहरों में अपनी 200 बैठकें कर रहा है.
उन्होंने कहा, 'हमने ऐसा इसलिए किया है ताकि दुनिया भारत की पूर्ण विविधता और समृद्धि के दर्शन कर सके.'
उन्होंने कहा कि वैश्वीकरण ने युवाओं के लिए अवसरों के द्वार खोल दिये हैं, लेकिन उन्हें इसकी चुनौतियों के प्रबंधन को लेकर भी तैयार रहना चाहिए.
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